नाग पंचमी क्यो मनाई जाती है ?

नाग पंचमी क्यो मनाई जाती है ? 

25 जुलाई को नाग पंचमी देश भर में मनाई जाएगी। इस दिन हिन्दू धरम में लोग नाग देवता की पूजा करते है और उनको दूध चढ़ाते है।

अपने कभी सोचा है कि हम नाग पंचमी को क्यो मनाते है   और इसकी शुरुआत कब से हुई। तो चलिए हम आपको बताते है। नागो को पाताल लोक का राजा भी कहा जाता है।

बता दे की जब कालिया नाग यमुना नदी के अंदर रहने आया तो इसके जहर से सारा पानी जहरीला हो गया था।
ओर इस कारण जंगल के सभी पशु पक्षी जल को पीकर मरने लगे थे और फसल नष्ट होने लगी थी। 

तब श्री कृष्ण जी गेंद ढूंढने के बहाने यमुना नदी के अंदर चले गए। कालिया नाग को युद्ध में हरा कर कालिया नाग को पाताल लोक में भेज दिया। लोगों को उसके भय से मुक्त कराया। उस दिन सावन की शुक्ल पंचमी थी। अतः तभी से नाग पंचमी मनाई जाने लगी।भारत में नागो का अनूठा सम्बन्ध हमेशा से रहा है ओर यहां इनको नाग देवता के रूप में पूजा जाता है।

प्राचीन काल से ही पौराणिक ग्रंथो गरुड़ पुराण, चरक संहिता, सुश्रुत संहिता भाव प्रकाश आदि में नागो का उल्लेख मिलता है। 
भगवान विष्णु की शयन श्यय्या शेष नाग है भगवान शिव की गले की माला बासुकी नाग है गणेश जी का अलंकरण नाग ही है।
पुराणों में सूर्य भगवान के रथ 12 नागो का उल्लेख किया गया है। जो क्रमशः हर एक महीने में उनके रथ के बहाक बनते है।इसलिए इनको देवता के रूप में पूजा जाता है ओर इनका सम्मान दिया जाता है।

सावन मास के शुक्ल पंचमी के दिन नागो को कच्चे गाय के दूध से स्नान कराने का विधान है। और पूजा करते है । परंपरा के अनुसार महिलाएं घर के बाहर लकड़ी के कोयले से ओर गाय के गोबर से नागो का चित्र बनाया जाता है। 
ताकि नाग देवता उनकी ओर उनके परिवार की रक्षा कर सके।

इस दिन किसान खेत में हल नहीं चलाते है ताकि सांपो को किसी तरह की चोट ना लगे। नाग हमें कृषि में कृषि नाशक जीवो से बचाते हैं। ये पर्यावरण और वन संपदा में इनकी भूमिका होती है।

आशा करता हूं आपको यह जानकारी अच्छी लगी होगी, आप अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे। धन्यवाद

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