IAS Deepak Rawat Biography - Inspiration for Youths

 दीपक रावत

नमस्कार मैं "दया शंकर मौर्या" ,आज मैं आप को एक ऐसे शख्सियत के बारे में बताने जा रहा हु, जो अपने कर्मो,स्वभाव और नेकी के लिए प्रसिद्ध है।अमूमन हर व्यक्ति के अंदर कुछ करने की लालसा रहती है,उन्ही में से ये भी है, ये कोई नेता नही है,न उद्योगपति ,न कोई फ़िल्म स्टार, इनके जैसा बनने के लिए कई बार सरकार और खुद से भी लड़न पड़ता है, दिन और रात को चुनौति दे कर तथा कठिन परिश्रम और कई वर्षों के मेहनत के बाद  ऐसे मधुर जनप्रिय व्यक्ति का निर्माण होता है।
इनका नाम दीपक रावत है जो एक IAS अधिकारी है,
एक अच्छे और ईमानदार IAS के रूप में पूरे भारत में जाने जाते है।
चलिए इनका परिचय करते है।

     शिक्षा


इनका जन्म 24 सितंबर 1974 उत्तराखंड के मसूरी में हुआ था,
इनकी प्रारम्भीक शिक्षा मसूरी के St.George collage से पूरी हुई, आगे की पढ़ाई के लिए उन्हें दिल्ली जाना पड़ा, B.A की पढ़ाई हंसराज कॉलेज दिल्ली से पूरी हुआ।
उसके बाद अपने कुछ दोस्तों के साथ M.A की पढ़ाई के लिये JNU दिल्ली में दाखिला लिये उसके बाद वही से उन्होंने M.phil किये (प्राचीन इतिहास) से।
जब वह 11 वी में थे तो उनका मन ART (कला) लेने का था मगर दुर्भाग्यवश स्कूल में ART सब्जेक्ट न होने के कारण उन्हें साइंस लेना पड़ा,स्कूल समय में उनकी गिनती कमजोर छात्र में होती थी, मगर उन्होंने कभी हार नही मानी।

   कैरियर


JNU में M.Phil के दौरान ही अपने कुछ बिहारी दोस्तो के कहने पर उन्होंने UPSC की तैयारी करनी शुरू कर दी, कुछ साल बाद उन्होंने UPSC परीक्षा पास किये और उन्हें (Revenue Service) का पोस्ट मिला,मगर वो इस पोस्ट से संतुष्ट न थे, उन्होंने 2007 में पुनः UPSC पास किया और पूरे भारत मे 12th रैंक हासिल किया।
आप का ट्रेनिंग उत्तराखंड, मसूरी के लाल बहादुर शास्त्री  राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में हुआ,वर्तमान में यह हरिद्वार के D.M है।
आप के कारण आज हरिद्वार में अपराध,चोरी,घूसखोरी आदि कम हुआ है।
ये जिस जिले में जाते है उसे आइने की तरह चमका देते हैं, आप अपने सख्ती मिज़ाज और तुरंत कार्यवाही के लिए पूरे भारत मे जाने जाते है, यही कारण हैं कि लोग इन्हें बहुत पसंद करहे है।

  परिवार


JNU में पढ़ाई के दौरान ही दीपक जी को किसी ने प्रेम पत्र दिया था, परंतु पता नही की ये किसका है।
कुछ महीनों बाद जब दीपक जी को पता चला तो  उन्होंने कुछ वर्षों बाद 14 फरवरी को "विजेता सिंह" जो उनकी दोस्त थी,उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया।
विजेता जी पेशे से एक वकील है, दो वर्षों के बाद उन्हें एक बेटी हुई जिसका नाम ''दिरीशा" रखा गया, उसके बाद दूसरी संतान एक बेटा हुआ जिसका नाम "दिव्यांश" है
दीपक जी जब भी अपने कामो से फुर्सत पाते है तब अपने परिवार को समय देते है।

हॉबी,रूचि


ऐसे तेज IAS अधिकारी के तो कई हॉबी है मगर उनमे से कुछ ऐसे हॉबी है जिसे वो अक्सर प्रयोग में लाते है,
उन्हें गाना,गाना बहुत पसंद है, वो भी पुराने जमाने के वो अक्सर अपने मन मे गुनगुनाते रहते है,यही नही कभी-कभी स्टेज पर भी हजारों के सामने गाते है।
गाने के साथ-साथ उन्हें किताबे पढ़ना,क्रिकेट,टेनिस खेलना,और कभी-कभी अपने बच्चो के साथ भी खेलते है, बताया जाता हैं की एक घूसखोर कर्मचारि को खेलते-खेलते पकड़े थे।

   अन्य


दीपक रावत को 2017 में सबसे ज्यादा google पर सर्च करने वाले IAS अधिकारी है।
उनकी दरियादिली की बात ही कुछ और है,इस covid19 के लॉकडौन में उन्होंने अपने निजी पैसे से श्रमिक भाई- बहनों की सेवा की उन्हें खाने के साथ-साथ जरूरी सामान भी दिए।

दीपक जी नरम दिल वाले है हमेसा किसी न किसी की मदद करते रहते है, अभी हाल ही में किसी  गाँव में जांच करने गए थे भाग्यवस उस दिन रक्षा बंधन था, उन्हें देख कुछ बहनो ने उन्हें रखी बांधी,तब दीपक जी ने उपहार स्वरूप उन्हें एक गाना भेट किया "फूलो का तारो का सब का कहना है एक हजारो में मेरी बहना है" ये गाना गाते-गाते उनके आँखों से आंसू टपक पड़े।

दीपक जी हमेशा लोगो के बीच मे जाकर काम करना पसंद करते है वो कहते है "सरकारी AC और बंगला मेरे लिए नही बना है" मै नौकरी को अपना काम समझ कर मरते दम तक करता रहूंगा।

दीपक जी का एक "यूट्यूब चैनल" है  जिसे 2018 में सुरु किया था,अब तक तकरीबन 100 से ज्यादा वीडियो है, जिसे 2.62 मिलियन लोगो ने सब्सक्राइब किया है,अपने द्वारा किये गए जाँच तथा पकड़े गए भ्रष्टाचाररियो का वीडियो सीधा अपने चैनल पर डालते है ताकि लोगो को पता चले।
हमारे देश मे दीपक रावत जैसे IAS अधिकारी है ये गर्व की बात है।
हमे उमीद है कि आप इस जनकारी से संतुष्ट होंगे।



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