Y+ सिक्योरिटी क्या है ( What is Y+security)

 Y+ सिक्योरिटी 'Security'




नमस्कार मै "दया शंकर मौर्या" हाल ही में फ़िल्म अभिनेत्री "कंगना रनौत" को केंद्र सरकार द्वारा "y+सिक्योरिटी" दी गई है।


दरहसल हुआ कुछ यु की सुशांत सिंह के मामले में महाराष्ट्र सरकार के ऊपर कंगना रनौत में कुछ बयान बाजी की ,जिसके प्रति उत्तर में महाराष्ट्र सरकार में शिवसेना के गृह मंत्री "संजय राउत" ने कंगना को महाराष्ट्र न आने की चेतावनी दे डाली,साथ ही कुछ कुशब्द का भी प्रयोग किया, हला की संजय राउत जी को ऐसा नही बोलना चाहिए था, भारत का हर कोना सब के लिए खुला है,सब स्वतंत्र है कही भी आने जाने के लिये।

संजय राउत जी का बयान सुन कर हिमाचल प्रदेश के मुख्य मंत्री ने केंद्र सरकार से गुजारिश करने के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने कंगना रनौत को भारत की सुरक्षित सिक्योरिटी में से एक है "y+ सिक्योरिटी" को देना का फैसला किया।


ये तो बात हो गई   y+सिक्योरिटी शब्द का प्रचलन में आने का, मगर हमे जानना होगा कि ये "Z+, Z, Y+, X"  सिक्योरिटी क्या है और कहा से इसका संचालन होता है।


सिक्योरिटी बनाने का कारण


S.P.G. "Special  Protection  Group" का गठन 1988 में भारत की पूर्व प्रधानमंत्री "इंदिरा गाँधी"  के हत्या के बाद संसद में (S.P.G)  एक्ट के तहत इसका गठन किया गया था, जिनका काम प्रधानमंत्री या उनके परवार को सुरक्षा प्रदान करना था, 

बाद में जरूरत पड़ने पर अन्य चार ग्रुप को बनाया गया जो इस प्रकार है "Z+, Z .Y+. X " 

 इसका मुख्यालय दिल्ली में है, ये भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन आता है,

अब ये सिक्योरिटी VIP और VVIP लोगो को दिया जाता है, इस समय पूरे भारत में तकरीबन 450 से ज्यादा लोगो को निन्म सिक्योरिटी दिया गया है,चलिए बारी-बारी से जानते है।


"Z+ जेड प्लस सिक्योरिटी"

इसमें 36 लोगो का एक सबसे मजबूत सिक्योरिटी ग्रुप है इसमें 10  N.S.G और S.P.G  कमांडो होते है और शेष सेन्ट्रल पुलिस होती है,जरूरत पड़ने पर इनकी संख्या बढ़ाकर  55  भी हो सकता है, ऐसी सुरक्षा VVIP को दिया जाता है जैसे- वर्तमान प्रधानमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्री को दिया जाता है, इनकी सुरक्षा तीन घेरो में होती है,

पहले घेरे में NSG के 10 जवान,जबकि दूसरे में SPG के अधिकारी और तीसरे में  ITBP,और CRPF के जवान तैनात रहते है,

इनकी ट्रेनिंग एक खास किस्म से की जाती है तथा अपने काम मे हमेसा सतर्क रहते है।

VVIP की सुरक्षा तीन शिफ्ट में होती है यानी 8 घंटे में जवानों की अदला-बदली होती है,

वर्तमान में तकरीबन 15 से ज्यादा लोगो को  Z+ सिक्योरिटी मिली हुई है।



"Z सिक्योरिटी"


Z सिक्योरिटी में कुल 22 जवान एक ग्रुप में सुरक्षा करते है,इसमें 4 से 5 कमांडो होते है तथा इसमें ITBP, NSG, तथा CRPF होती है,  साथ ही इन सब के बावजूद एक कार जिसका नाम "escort car" है जो प्रदान कि जाती है,ये उप राष्ट्रपति, सुप्रीम या हाई कोर्ट के जज, राज्यपाल, मुख्यमंत्री,प्रमुख नेता आदि को प्रदान किया जाता है।



"Y+ सिक्योरिटी"


आज पुर भारत मे (Y+ सिक्योरिटी ) शब्द चर्चा में है आइये इसे भी जानते है।

इस सिक्योरिटीके कुल 11 लोगो की एक ग्रुप होती है जिसमे 2 कमांडो और 2 सिक्योरिटी ऑफिसर्स भी होते है और बाकी बचे  ITBP,NSG तथा CRPF के जवान भी होते हैं,

अभी हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा कंगना रनौत को दिया गया है।





"X सिक्योरिटी"


ये सिक्योरिटी ग्रुप के सबसे अंत का होता है इसमें 1 आर्म्ड फ़ोर्स का जवान और 1 पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर्स होते है इसके आलवा इसमें कोई केन्द्र का पुलिस नही होता है,ये जिसे दिया जाता है उसे अपने लोकल पुलिस की सहायता भी लेनी पड़ती है ये खासकर के किसी सेलिब्रिटी या नेता आदि को दिया जाता है।

3 comments:

Powered by Blogger.